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रप्चर डिस्क से परेशान हैं तो जानिए कौन सी 10 एक्सरसाइज़ दिलाएंगी राहत!

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08-Jul-2024

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रप्चर डिस्क से परेशान हैं तो जानिए कौन सी 10 एक्सरसाइज़ दिलाएंगी राहत!

रप्चर्ड डिस्क के पुनर्वास में दर्द को कम करने, उपचार को बढ़ावा देने और गतिशीलता को बहाल करने के उद्देश्य से सावधानीपूर्वक रेजिमेन एक्सरसाइज़ शामिल होती हैं। रप्चर्ड डिस्क के लिए ये एक्सरसाइज़ रीढ़ की हड्डी को मजबूत करने, लचीलेपन में सुधार करने और प्रभावित डिस्क पर दबाव को कम करके मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं। एक प्रभावी पुनर्वास दिनचर्या के प्रमुख कंपोनेंट्स में हल्के खिंचाव, कोर स्टेबिलिटी एक्सरसाइज़ और चलना या तैराकी जैसी कम प्रभाव वाली एरोबिक गतिविधियां शामिल हैं। इन एक्सरसाइज़ेस के अलावा, तेजी से करने वाली हीलिंग टिप्स रिकवरी को काफी बढ़ा सकती हैं। चलिए रप्चर्ड डिस्क से राहत पाने के लिए 10 बहुत ही ज़रूरी और प्रभावशाली एक्सरसाइज़ को समझते हैं।
 

विषय सूची 

  1. रप्चर्ड डिस्क के लिए पुनर्वास कैसे करें?
  2. क्या आपको रप्चर्ड डिस्क के साथ एक्सरसाइज़ करना चाहिए?
  3. रप्चर्ड डिस्क को जल्दी ठीक कैसे करें?
  4. विशेषज्ञ की सलाह
  5. निष्कर्ष
  6. सामान्य प्रश्न 
  7. संदर्भ 
     

रप्चर्ड डिस्क के लिए पुनर्वास कैसे करें?
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सही से फिज़ियोथेरेपी और एक्सरसाइज़ करने से रप्चर्ड डिस्क में आराम मिलता है। फिज़ियोथेरेपी और एक्सरसाइज़ दर्द से राहत, गति को सुधारने, विकलांगता और हर्निएटेड डिस्क के हीलिंग रिस्पॉन्स को सुधारने के लिए ज़रूरी है। 

रप्चर्ड डिस्क से आराम पाने के लिए इन 10 एक्सरसाइज़ को अपने रूटीन में शामिल करें:
 

1. पिलो के साथ प्रोन 

इस एक्सरसाइज़ में आपकी रीढ़ की हड्डी पर पड़ने वाला प्रेशर कम होता है, स्ट्रेच को बढ़ावा मिलता है जिससे दर्द कम होता है और सूजन से आराम मिलता है। यह एक्सरसाइज़ आपकी लोअर बैक से टेंशन कम करने का काम करती है। 

इस एक्सरसाइज़ को करने के लिए अपने पेट के नीचे तकिये को रखें और पेट के बल लेट जाएं। सुनिश्चित करें कि आपका सिर रीढ़ की हड्डी की सीध में है, या हाथ या एक छोटे तकिये पर रखें। इसी पोज़ीशन में करीब 5-10 मिनट के लिए रिलैक्स करें। 
 

2. कोहनी पर प्रोन (स्फिंक्स पोज़)

ये पोज़ रीढ़ की हड्डी को फैलने में मदद करता है और रप्चर डिस्क से प्रेशर को कम करता है। यह एक्सरासाइज़ लोअर बैक की मांसपेशियों को शक्ति देती है और रीढ़ की हड्डी का सपोर्ट भी करती है। 

इस पोज़ को करने के लिए अपनी मुंह को ठीक से नीचे करके लेट जाएं, साथ ही आपके पैर फैले होने चाहिए और कोहनी आपके कंधों के नीचे होनी चाहिए। अपनी कोहनी और फोरआर्म के सपोर्ट द्वारा धीरे-धीरे अपने चेस्ट को ऊपर उठाएं। इसी अवस्था में करीब 15-30 सेकंड रुकें और सुनिश्चित करें कि आपकी लोअर बैक रिलैक्स है। 
 

3. प्रोन प्रेस अप

प्रोन प्रेस अप आपकी लोअर स्पाइन को फैलाता है जिससे हर्निएटेड डिस्क पर प्रेशर कम होता है और दर्द कम होता है। यह एक्सरसाइज़ फ्लेक्सिबिलिटी को बढ़ावा और पीठ की मसल्स को स्ट्रेंथ भी देती है।

इस व्यायाम को करने के लिए अपने चेहरे को नीचे की ओर करके लेट जाएं, अपने हाथों को कंधों से नीचे हथेलियों को खुला रखें। धीरे-धीरे अपनी अपर बॉडी को ऊपर की ओर उठाएं और पेल्विस को फ्लोर पर ही रहने दें। इस अवस्था में करीब 5-10 सेकंड रुकें, फिर धीरे-धीरे अपनी अपर बॉडी को नीचे कर लें। 
 

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4. प्रोन अल्टरनेटिंग आर्म/लेग लिफ्ट

ये एक्सरसाइज़ आपकी लोअर बैक, ग्लूट और कंधों की मांसपेशियों को मज़बूती देती है, आपकी रीढ़ की हड्डी को बेहतर समर्थन देती है और प्रभावित क्षेत्र को स्थिर रखने में मदद करती है।

इसे करने के लिए मुंह नीचे करके लेट जाएं और अपने आर्म्स को सीधा रखें। धीरे-धीरे अपने दाहिने हाथ को और बाएं पैर को ज़मीन से ऊपर उठाएं, आपके हाथ और पैर सीधे होने चाहिए। करीब 3-5 सेकंड इसी पोज़ीशन में रहें और वापस नीचे कर लें। 
 

5. स्कॉर्पियन 

इस एक्सरसाइजज़ को करने से आपकी रीढ़ की हड्डी और हिप्स की फ्लेक्सिबिलिटी सुधरने में मदद मिलती है, जिससे रप्चर्ड डिस्क द्वारा उत्पन्न हुई असहजता और टेंशन से आराम मिलता है। यह आपकी कोर स्ट्रेंथ और स्टेबिलिटी को भी बढ़ाती है। 

यह एक्सरसाइज़ करने के लिए उलटे लेट जाएं और अपने हाथों को साइड में फैलाएं। टी-शेप बनना चाहिए। अपने दाहिने पैर को ऊपर उठाएं, घुटने को मोड़ें और अपने पैर को अपने बाएं हाथ की ओर लान की कोशिश करें, अपनी लोअर बैक और हिप्स को ट्विस्ट करें। इस स्ट्रेच को करीब 5-10 सेकंड तक रखें फिर वापस अपनी पोज़ीशन में आ जाएं। 
 

6. कैट या काउ 

इस एक्सरसाइज़ से रीढ़ी की हड्डी की फ्लेक्सिबिलिटी और गति को बढ़ाने में मदद मिलती है, इससे आपकी रप्चर्ड डिस्क की टेंशन और दर्द भी कम होता है। यह बॉडी पोस्चर और रीढ़ की हड्डी के पास स्वास्थ्य ठीक रखती है। 

इसे करने के लिए टेबलटॉप पोज़ीशन में अपने हाथ और पैरों को रखकर शुरुआत करें, अपनी कलाइयों को कंधों से अंदर रखें और अपने घुटनों को हिप्स के अंदर रखें। गहरी सांस लेते हुए अपनी पीठ को अंदर की ओर करें और अपने सिर को ऊपर उठाएं। साथ ही आपकी टेलबोन सीलिंग की ओर करें (काउ पोज़)। सांस छोड़ें और अपनी पीठ को जितना हो सके ऊपर करें और सांस छोड़ते हुए अपने सिर को नीचे चेस्ट की दाढ़ी करते हुए झुकाएं (कैट पोज़) .
 

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7. बर्ड डॉग

बर्ड डॉग एक्सरसाइज़ आपके कोर, लोअर बैक और हिप मसल्स को स्ट्रेंथ देती है। यह स्थिरता आपको दर्द से राहत देती है और आपकी रप्चर्ड डिस्क में मदद करती है। 

इस एक्सरसाइज़ को करने के लिए अपने पैर और हाथों को टेबलटॉप पोज़ीशन में रखते हुए शुरुआत करें, अपनी कलाइयों को कंधों से अंदर रखें और अपने घुटनों को हिप्स के अंदर रखें। अपने दाहिने हाथ को फैलाएं और बाएं पैर को पीछे करें, दोनों को ज़मीन से समानांतर रखें। इस पोज़ीशन में 5-10 सेकंड रहें फिर अपनी शुरुआती पोज़ीशन में आ जाएं। 
 

8. लोअर ट्रंक रोटेशंस 

यह लंबर स्पाइन को धीरे-धीरे फैलाने और गतिशील बनाने में मदद करता है, जिससे रप्चर्ड डिस्क से जुड़ी स्टिफनेस और दर्द कम हो जाता है। यह एक्सरसाइज़ पीठ के निचले हिस्से में बेहतर सर्कुलेशन और लचीलेपन को भी बढ़ावा देती है।

इस एक्सरसाइज़ को करने के लिए पीठ के बल लेट जाएं अपने दोनों घुटनों को मोड़े और फीट को ज़मीन पर फ्लैट रखें। अपने हाथों को साइड में फैलाएं और धीरे-धीरे दोनों घुटनों को साइड में नीचे करें, अपने कंधों को फ्लैट रखें। 
 

9. पिरिफोर्मिस स्ट्रेच

ये स्ट्रेच पिरिफोर्मिस की मांसपेशियों को लक्षित करता है, जिससे रप्चर्ड डिस्क के दर्द और टाइटनेस से आराम मिलता है। इन मांसपेशियों को स्ट्रेच करने से सियाटिक नर्व का प्रेशर कम होता है। 

अपनी पीठ के बल लेट जाएं और अपने घुटनों को मोड़ ले। अपनी दाहिनी एड़ी को बाएं घुटने पर रखें। अब आराम से अपने बाएं पैर की जांघ को चेस्ट की ओर खीचें। 
 

10. सियाटिक नर्व ग्लाइड्स

यह सियाटिक नर्व को जुटाने में मदद करती है, जिससे इरिटेशन कम होती है और दर्द से आराम मिलता है। ये एकसरसाइज़ नर्व हेल्थ और साइटिका के लक्षणों को सुधारती है। 

इसे करने के लिए एक कुर्सी पर बैठ जाएं, अब अपने बाएं पैर को सीधा फैलाएं और एड़ी को ज़मीन पर ही रहने दें। अपना पैर मोड़े, पैर के अंगूठे को अपनी ओर खीचें और फिर पैर के अंगूठे को आगे की ओर पॉइंट करें। 
 

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क्या आपको रप्चर्ड डिस्क के साथ एक्सरसाइज़ करनी चाहिए?

रप्चर्ड डिस्क तब होती है जब रीढ़ की हड्डी की डिस्क के अंदर नरम, जेल जैसा पदार्थ बाहरी परत से बाहर निकलता है, जिससे आस-पास की नसों पर दबाव पड़ता है। इससे आपको दर्द, सुन्नता, कमज़ोरी और बाउल या ब्लैडर कंट्रोल की समस्या हो सकती है। किसी भी एक्सरसाईज़ को शुरू करने से पहले आपको विशेषज्ञ जैसे फिज़िकल थेरेपिस्ट या ऑर्थोपेडिक स्पेशलिस्ट की सलाह लेनी चाहिए।  
 

एक्सरसाइज़ और फिज़िकल थेरेपी हर्नियेटेड डिस्क की रिकवरी में मदद करते हैं। कुछ दिनों के आराम के बाद आप धीरे-धीरे शारीरिक गतिविधि जैसे एक्सरसाइज़ आदि में शामिल हो सकते हैं। इससे आपकी मसल स्ट्रेंथ को सपोर्ट मिलेगा और रीढ़ की हड्डी से प्रेशर भी कम होगा। ये एक्सरसाइज़ रीढ़ की हड्डी का लचीलापन भी बढ़ाती हैं और भविष्य में होने वाले हर्नियेशन से सुरक्षा भी करती हैं।  
 

योगा, तैराकी, वॉक और साइकिलिंग हर्निएटेड डिस्क के लिए बहुत ही फायदेमंद गतिविधियां हैं। सभी एक्सरसाइज़ को धीमे और सावधानी से करना बहुत ज़रूरी है, खासकर तब जब आप झुकते या ऊपर उठते समय। एक्सरसाइज़ करते समय दर्द नहीं होना चाहिए, यदि आपको दर्द हो रहा है तो रुक जाएं और सीधा डॉक्टर से संपर्क करें।  
 

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रप्चर्ड डिस्क को जल्दी ठीक कैसे करें?

रप्चर्ड डिस्क को जल्दी ठीक करने के लिए नॉनसर्जिकल ट्रीटमेंट लेना उचित होगा। रीढ़ की हड्डी में दर्द और स्टिफनेस को कम करने के लिए कुछ दिन लाइट, पेन-फ्री एक्टीविटी में जुड़ें लंबे समय के बेड रेस्ट से परहेज़ करें। डॉक्टर्स आपको एंटीबायोटिक, मसल रिलैक्सेंट और पेन रिलीवर दे सकते हैं। 

 

एक अनुकूलित फिज़िकल थेरेपी प्रोग्राम में लचीलेपन में सुधार और सहायक मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए पेल्विक ट्रैक्शन, कोमल हाथों से मालिश, हीट और आइस थेरेपी, इलेक्ट्रिकल मसल स्टिम्युलेशन और स्ट्रेचिंग एक्सरसाइज़ शामिल हो सकते हैं। डॉक्टर मरीज की विशिष्ट स्थिति और जरूरतों के आधार पर पूरी तरह से जांच करेगा और एक पर्सनलाइज़्ड ट्रीटमेंट प्लान तैयार करेगा। इससे आपको रप्चर्ड डिस्क से जल्दी राहत मिलेगी। 
 

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विशेषज्ञ की सलाह

एक विशेषज्ञ के रूप में मैं सलाह दूंगी कि आप रप्चर्ड डिस्क के लिए जेंटल स्ट्रेच और स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज़ करें। इससे आपका कोर और रीढ़ की हड्डी के आसपास की मांसपेशियां स्ट्रेच होंगी उन्हें शक्ति मिलेगी। फ्लेक्सिबिलिटी और पोस्चर सुधारने पर ध्यान केंद्रित करें। ध्यान रखें कि आप दर्द को नियंत्रित करने को प्राथमिकता दे रहे हैं, यदि आपको एक्सरसाइज़ के दौरान दर्द होता है तो रुक जाएं और डॉक्टर से संपर्क करें। 

 हेल्थ एक्सपर्ट 
लवीना चौहान
 

निष्कर्ष

हर्निएटेड डिस्क से रिकवरी के लिए डेडिकेशन और सही तकनीक की ज़रूरत होती है। ये एक्सरसाइज़ मसल स्ट्रेंथ, फ्लेक्सिबिलिटी में सुधार और दर्द कम करने में मदद करती हैं। इन एक्सरसाइज़ेस को अपने रूटीन में शामिल करने और विशेषज्ञ की गाइडेंस अपनाने से रिकवरी में आसानी होती है।
 

सामान्य प्रश्न 

1. L4-L5-S1 बल्जिंग डिस्क एक्सरसाइज़ में किन एक्सरसाइज़ को नहीं करना चाहिए?

जब आप L4-L5-S1 स्तर पर बल्जिंग डिस्क से जूझ रहे हों तो इन एक्सरसाइज़ को नहीं करना चाहिए:

  • हेवी लिफ्टिंग जैसे डेडलिफ्ट्स 
  • ट्विस्टिंग मूवमेंट जैसे रशियन ट्विस्ट्स आदि
  • हाई इम्पैक् एक्टिविटी जैसे रनिंग, जंपिंग या हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT)
  • फॉरवर्ड बैंड्स जैसे सिट-अप्स
  • लेग रेज़िज़ खासकर स्ट्रेट लेग के साथ 
     

2. बुज़ुर्गों को कौन स्लिप डिस्क एक्सरसाइज़ नहीं करनी चाहिए?

बुज़ुर्गों को ये 5 स्लिप डिस्क एक्सरसाइज़ नहीं करनी चाहिए:

  • हैवी वेट लिफ्टिंग में डेडलिफ्ट और स्क्वॉट्स शामिल हैं।
  • हाई इंपैक्ट एक्सरसाइज़ जैसे रनिंग या जंपिंग
  • हाई-स्पीड एक्टिविटी
  • डीप फॉरवर्ड बैंड्स जैसे टो टच या सिट-अप्स
  • ट्विस्टिंग मूवमेंट जैसे गोल्फ स्विंग
     

3. लोअर बैक में रप्चर्ड डिस्क के लिए कुछ एक्सरसाइज़ क्या हैं?

रप्चर्ड डिस्क के लिए इन 5 एक्सरसाइज़ को करें:

  • पेल्विक टिल्ट
  • ब्रिजेस 
  • बर्ड डॉग
  • पार्शियल क्रंचेज़
  • हेमस्ट्रिंग स्ट्रेच
     

4. सी5 और सी6 में बल्जिंग डिस्क के लिए प्रभावी एक्सरसाइज़ क्या हैं?

सी5 और सी6 में बल्जिंग डिस्क के लिए ये एक्सरसाइज़ करना फायदेमंद होगा:

  • चिन टक्स
  • नेक स्ट्रेच
  • आइसोमेट्रिक एक्सरसाइज़
  • शोल्डर श्रग्स
  • स्कैपुलर रिट्रैक्शन
     

5. लोअर बैक में हर्निएटेड डिस्क के लिए बेस्ट एक्सरसाइज़ क्या हैं?

इन एक्सरासइज़ेस से लोअर बैक में हर्निएटेड डिस्क से आराम मिलेगा:

  • पैल्विक टिल्ट्स
  • ब्रिजेस
  • बर्ड डॉग्स
  • पार्शियल क्रचेज़
  • सीटेड चेयर स्ट्रेच 
     

संदर्भ 

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